नाम
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पार्श्वनाथ
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पिता का नाम
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विश्वसेन (अश्वसेन)
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माता का नाम
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वामा
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कुल
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उग्र वंश
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गर्भ कल्याण
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स्थान
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वाराणसी
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तिथी
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बैसाख बदी २
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नक्षत्र
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विशाखा
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जन्म कल्याण
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स्थान
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वाराणसी
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तिथी
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पौष बदी ११
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नक्षत्र
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विशाखा
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राशी
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कुंभ
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चिन्ह (लक्षण)
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नाग (सर्प)
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वर्ण
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हरा
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शरीर की ऊंचाई
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९ हाथ
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दीक्षा कल्याण
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वैराग्य का कारण
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जाति स्मरण होना
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तिथी
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पौष बदी ११
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समय
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प्रातः काल
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नक्षत्र
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विशाखा
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पालकी
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विमला
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नगर
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वाराणसी
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वन
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अश्वरथ
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वृक्ष
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देवदारु
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वृक्ष की ऊंचाई
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१०८ धनुष
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कितने राजाओ ने संग दीक्षा ली
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३००
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उपवास का नियम
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तेला
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प्रथम आहार
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दीक्षा के कितने दिन बाद
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४
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स्थान
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काश्यकृत पूरी
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आहार देने वाले राजा का नाम
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धनदत्त
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आहार की वस्तु
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गाय के दूध की खीर
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केवलज्ञान से पूर्व उपवास
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३
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तपस्या काल
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७० वर्ष
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केवलज्ञान कल्याण
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तिथी
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चैत्र बदी १४
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समय
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प्रातः काल
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नक्षत्र
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विशाखा
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स्थान
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शुक्र पूरी
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वन
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शक्रपुर
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वृक्ष
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देवदारु
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समवशरण
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विस्तार (योजन में)
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१.२४
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विस्तार (कोस में)
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५
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कुल गणधर
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१०
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मुख्य गणधर
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स्वयम्भू
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मुख्य आर्यिका
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सुलोचना जी
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मुख्य श्रोता
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महासेन
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मुख्य यक्ष
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मातंग
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मुख्य यक्षिणी
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पद्मावती
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मोक्ष कल्याण
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तिथी
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सावन सुदी ७
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समय
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प्रातः
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स्थान
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सम्मेदशिखर
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विशिष्ठ स्थान
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स्वर्णभद्र कूट
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नक्षत्र
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विशाखा
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आसन
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खडगासन
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साथ में मुनि मोक्ष गए
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३६
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विवाह
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चौथे ब्रह्मचारी
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मुख्य पुत्र
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चौथे ब्रह्मचारी
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संघपति
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सुप्रभात सेन
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कुमार काल
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३० वर्ष
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छद्मस्त काल
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४ माह
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आयु
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१०० वर्ष
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प्रभु के काल में शलाका पुरुष
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चक्रवर्ती
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कोई नहीं
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बलभद्र
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कोई नहीं
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नारायण
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कोई नहीं
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कामदेव
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नागकुमार
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प्रतिनारायण
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कोई नहीं
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नारद
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कोई नहीं
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रूद्र
|
कोई नहीं
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विशेष पद
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बाल ब्रह्मचारी
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Thursday, 21 January 2016
parsvnath ji jeevan parichay
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